साहित्य दर्पण

सोच का स्वागत नई सोच से करें।

64 Posts

34 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 19918 postid : 900954

"दिल की तमन्ना"

Posted On: 7 Jun, 2015 लोकल टिकेट,कविता,Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

हर दिल की तमन्ना हैं,हर दिल की ख्आईश है,

हर दिल की आरजू है,मेरा सपना सच हो,

मेरा अपना कल हो………………………

में गुम हूँ अधेरो में ,में भी रोशन हूँ,,,,,,

हर दिल की तमन्ना है…………………

में डाल पर खिलते फूलो का अफसाना हूँ,

मेरा भी एक मुकाम हो,

में भीङ का मुसाफिर हूँ,,,……………

अपना भी कोई पता हो,,,,,

मै वारिस का पाणी हूँ,……………

मेरा भी कोई ठिकाना हो…………

मै सपनो की दुनिया में खोया हूँ,

सपना सच हो अपना हो…………

हर दिल की तमन्ना है…………………

कोई चाहता दौलत है, कोई चाहता शोहरत है,

कोई चाहता प्रीत है, कोई चाहता बस एक में हूँ,

कोई प्रेम से करना चाहता राज,

कोई नफरत से भरता हैं डर,

कोई छुप छुप के करता है,

कोई सरे आम करता है,

हर दिल की तमन्ना है…………………

कितनो का सपना जुनून है,

कितनो का सपना पूजा है,

कितनो का टूटता सपना जख्म है,

कितनो का निखरता सपना शब्द है,

कोई जलता सपनो से,,,,,,,,,,,,

कोई होता सपनो से खुश……

हर दिल की तमन्ना है……………………



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

3 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Sonam Saini के द्वारा
June 9, 2015

आकांक्षा जी नमस्कार ….आपकी कविता भावो से परिपूर्ण हैं, लेकिन शब्द कुछ उलझे-उलझे से हैं साथ ही भाषा की भी कई गलतियां नज़र आती हैं, कृपया अन्यथा न ले …….. आप अच्छा लिखती हैं बस थोड़ी मेहनत और करे …धन्यवाद

    akankshajadon1 के द्वारा
    June 11, 2015

    ठीक हे महोदया हम ख्याल रखेगे,,,, पर ” सोच से परेह हो शब्दो का का जाल हो , जग का चित्रण हो तभी रंचना का जन्म होता है,,,,,,


topic of the week



latest from jagran